*जो महक खाटू की गलियों में है* *वो महक लाखों के इत्र में नहीं..!**और जो मोहिनी मेरे श्याम की छवि में है* *वो दुनिया के किसी चित्र में नहीं..!!* *।।जय श्री श्याम।।* *शुभ श्याममयी रात्रि*

*जो महक खाटू की गलियों में है*
       *वो महक लाखों के इत्र में नहीं..!*
*और जो मोहिनी मेरे श्याम की छवि में है*
        *वो दुनिया के किसी चित्र में नहीं..!!*
      *।।जय श्री श्याम।।*
     *शुभ श्याममयी रात्रि*

Comments

Popular posts from this blog

🙏🏻 म्हारा रोम रोम म खाटू वाले श्याम बसे है,**या जग के माहने हरायेगो...**बाके हराबा क पेहला ही म्हारा श्याम नीले घोड़े चढ़ कर आवेगो👏🏻* *🌺🙏🏻 जय श्री श्याम 🙏🏻🌺*

Aaj Sandhya Ke Adbhut Darshan Jai Shree Shyam