*ना जग से आशा ना परवाह है**किसी की तू है साथी तू है**सहारा बाबा ना चाहत किसी की...🙏🏻🌹**हथेली पर रखकर नसीब**तू क्यों अपना मुक़द्दर ढूँढता है...**तू आ श्याम के पास फिर देख* *कैसे मुक़द्दर तेरा घर ढूँढता है...👏🏻🌹**श्याम सरकार की जय...👏🏻🏹* *🙏🏻🌹 जय श्री श्याम 🌹🙏🏻*
*ना जग से आशा ना परवाह है* *किसी की तू है साथी तू है* *सहारा बाबा ना चाहत किसी की...🙏🏻🌹* *हथेली पर रखकर नसीब* *तू क्यों अपना मुक़द्दर ढूँढता है...* *तू आ श्याम के पास फिर देख* *कैसे मुक़द्दर तेरा घर ढूँढता है...👏🏻🌹* *श्याम सरकार की जय...👏🏻🏹* *🙏🏻🌹 जय श्री श्याम 🌹🙏🏻*